Correct Answer:
Option A - भाषाई समाचार-पत्रों की कटु आलोचना से परेशान होकर लॉर्ड लिटन’ ने 1878 मे वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पास किया जिससे भारतीय भाषाई समाचार-पत्रों की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रतिबंध लगा दिए गये। इस अधिनियम को बनाने की आवश्यकता सरकार को इसलिए और भी अधिक लगी क्योंकि अंग्रेजी में प्रकाशित समाचार-पत्रों की तुलना में भाषाई समाचार-पत्रों का वितरण अधिक था।
A. भाषाई समाचार-पत्रों की कटु आलोचना से परेशान होकर लॉर्ड लिटन’ ने 1878 मे वर्नाक्युलर प्रेस एक्ट पास किया जिससे भारतीय भाषाई समाचार-पत्रों की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रतिबंध लगा दिए गये। इस अधिनियम को बनाने की आवश्यकता सरकार को इसलिए और भी अधिक लगी क्योंकि अंग्रेजी में प्रकाशित समाचार-पत्रों की तुलना में भाषाई समाचार-पत्रों का वितरण अधिक था।