Correct Answer:
Option A - व्यवहार का ‘करना’ पक्ष सीखने के गतिक क्षेत्र में आता है। सीखने के गतिक क्षेत्र से तात्पर्य है उन क्रियाओं पर नियंत्रण जो शिशु को परिवेश के साथ समायोजन में सहयोग देती है। जैसे चलना, खड़ा होना आदि। इसके बाद उत्कृष्ट गतिक विकास होता है, जैसे– वस्तुओं तक पहुँचना, छूना, पकड़ना आदि।
A. व्यवहार का ‘करना’ पक्ष सीखने के गतिक क्षेत्र में आता है। सीखने के गतिक क्षेत्र से तात्पर्य है उन क्रियाओं पर नियंत्रण जो शिशु को परिवेश के साथ समायोजन में सहयोग देती है। जैसे चलना, खड़ा होना आदि। इसके बाद उत्कृष्ट गतिक विकास होता है, जैसे– वस्तुओं तक पहुँचना, छूना, पकड़ना आदि।