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Q: व्याघ्र: किं वस्तु ग्रहितुं लोभं प्रादात् ?
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  • A. मणिरत्नम्
  • B. स्वर्णमुकुटम्
  • C. हीरकभूषणम्
  • D. स्वर्णकङ्कणम्
Correct Answer: Option D - व्याघ्र: स्वर्णकङ्कणम् ग्रहीतुं लोभं प्रादात्। अर्थात् उस व्याघ्र ने स्वर्णकङ्कण लेने का लोभ दिया। ‘स्वर्णकङ्कणम्’ पद में द्वितीया विभक्ति एक वचन नपुंसक लिङ्ग का प्रयोग हुआ है।
D. व्याघ्र: स्वर्णकङ्कणम् ग्रहीतुं लोभं प्रादात्। अर्थात् उस व्याघ्र ने स्वर्णकङ्कण लेने का लोभ दिया। ‘स्वर्णकङ्कणम्’ पद में द्वितीया विभक्ति एक वचन नपुंसक लिङ्ग का प्रयोग हुआ है।

Explanations:

व्याघ्र: स्वर्णकङ्कणम् ग्रहीतुं लोभं प्रादात्। अर्थात् उस व्याघ्र ने स्वर्णकङ्कण लेने का लोभ दिया। ‘स्वर्णकङ्कणम्’ पद में द्वितीया विभक्ति एक वचन नपुंसक लिङ्ग का प्रयोग हुआ है।