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Q: विधा की दृष्टि से कौन-सी रचना अन्य तीन से भिन्न है?
  • A. मुर्दहिया
  • B. मणिकर्णिका
  • C. कितनी धूप में कितनी बार
  • D. वटवृक्ष की छाया में
Correct Answer: Option D - ‘वटवृक्ष की छाया में’ कुमुद नागर द्वारा लिखी गयी अमृतलाल नागर की जीवनी है। ‘मुर्दहिया’ और ‘मणिकर्णिका’ दलित साहित्यकार डॉ. तुलसीराम की आत्मकथा है, ‘कितनी धूप में कितनी बार’ महीप सिंह की आत्मकथा है। • जीवनी एक व्यक्ति का जीवन इतिहास है, जिसे किसी और के द्वारा लिखा जाता है, जबकि आत्मकथा स्वयं द्वारा लिखी गयी अपने जीवन की अभिव्यक्ति है।
D. ‘वटवृक्ष की छाया में’ कुमुद नागर द्वारा लिखी गयी अमृतलाल नागर की जीवनी है। ‘मुर्दहिया’ और ‘मणिकर्णिका’ दलित साहित्यकार डॉ. तुलसीराम की आत्मकथा है, ‘कितनी धूप में कितनी बार’ महीप सिंह की आत्मकथा है। • जीवनी एक व्यक्ति का जीवन इतिहास है, जिसे किसी और के द्वारा लिखा जाता है, जबकि आत्मकथा स्वयं द्वारा लिखी गयी अपने जीवन की अभिव्यक्ति है।

Explanations:

‘वटवृक्ष की छाया में’ कुमुद नागर द्वारा लिखी गयी अमृतलाल नागर की जीवनी है। ‘मुर्दहिया’ और ‘मणिकर्णिका’ दलित साहित्यकार डॉ. तुलसीराम की आत्मकथा है, ‘कितनी धूप में कितनी बार’ महीप सिंह की आत्मकथा है। • जीवनी एक व्यक्ति का जीवन इतिहास है, जिसे किसी और के द्वारा लिखा जाता है, जबकि आत्मकथा स्वयं द्वारा लिखी गयी अपने जीवन की अभिव्यक्ति है।