Correct Answer:
Option B - हिन्दी साहित्य के आदिकाल के शृंगारी कवि तथा मैथिल कोकिल, कविशेखर व अभिनव जयदेव जैसे उपनामों से अभिहित किए जाने वाले विद्यापति ने कीर्तिलता, कीर्तिपताका एवं पदावली नामक काव्य ग्रंथों की रचना की। `कीर्तिलता' एवं `कीर्तिपताका' अपने आश्रयदाता कीर्तिसिंह एवं शिवसिंह की वीरता को वर्णित किया है। विद्यापति की रचना `कीर्तिपताका' अभी तक सम्पादित होकर प्रकाशित नहीं हो सकी है।
B. हिन्दी साहित्य के आदिकाल के शृंगारी कवि तथा मैथिल कोकिल, कविशेखर व अभिनव जयदेव जैसे उपनामों से अभिहित किए जाने वाले विद्यापति ने कीर्तिलता, कीर्तिपताका एवं पदावली नामक काव्य ग्रंथों की रचना की। `कीर्तिलता' एवं `कीर्तिपताका' अपने आश्रयदाता कीर्तिसिंह एवं शिवसिंह की वीरता को वर्णित किया है। विद्यापति की रचना `कीर्तिपताका' अभी तक सम्पादित होकर प्रकाशित नहीं हो सकी है।