Correct Answer:
Option C - जर्मन भूगोलवेत्ता वाल्टर क्रिस्ट्रालर ने वर्ष 1933में अधिवासों के वितरण से सम्बन्धित केन्द्र स्थल सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। उन्होंने दक्षिणी जर्मनी के केन्द्र स्थलों का अध्ययन आरोही क्रम में वर्गीकृत किया। केन्द्रीय स्थान सिद्धान्त में 6 प्रधान संकल्पनायें विद्यमान हैं।
1 केन्द्रीय स्थान की संकल्पना
2. पूरक क्षेत्र की संकल्पना
3 देहरी की संकल्पना
4. वस्तुओं के परिसर की संकल्पना
5. केन्द्रीय वस्तुओं एवं सेवाओं की संकल्पना
6. केन्द्रीयता की संकल्पना
देहरी की संकल्पना :-किसी दुकान/फर्म द्वारा किसी वस्तु को उपलब्ध कराने के लिए यह आवश्यक है कि उस वस्तु के उपभोक्ताओं की संख्या इतनी हो कि सेवा प्रदाता के लिए यह लाभदायक कार्य बना रहे। उपभोक्ताओं की यह न्यूनतम आवश्यक संख्या ही वस्तुओं एवं सेवाओं की देहरी (सीमा) होती है।
किसी भी सेवा के लिए जनसंख्या सीमा (देहरी) का निर्धारण, सेवा को प्रारम्भ करने के लिए आवश्यक न्यूनतम जनसंख्या की आवश्यकता पड़ती है।
नोट : केन्द्र स्थल शब्दावली का प्रयोग सर्वप्रथम 1931ई. में मार्क जेफरसन ने किया था।
C. जर्मन भूगोलवेत्ता वाल्टर क्रिस्ट्रालर ने वर्ष 1933में अधिवासों के वितरण से सम्बन्धित केन्द्र स्थल सिद्धान्त का प्रतिपादन किया। उन्होंने दक्षिणी जर्मनी के केन्द्र स्थलों का अध्ययन आरोही क्रम में वर्गीकृत किया। केन्द्रीय स्थान सिद्धान्त में 6 प्रधान संकल्पनायें विद्यमान हैं।
1 केन्द्रीय स्थान की संकल्पना
2. पूरक क्षेत्र की संकल्पना
3 देहरी की संकल्पना
4. वस्तुओं के परिसर की संकल्पना
5. केन्द्रीय वस्तुओं एवं सेवाओं की संकल्पना
6. केन्द्रीयता की संकल्पना
देहरी की संकल्पना :-किसी दुकान/फर्म द्वारा किसी वस्तु को उपलब्ध कराने के लिए यह आवश्यक है कि उस वस्तु के उपभोक्ताओं की संख्या इतनी हो कि सेवा प्रदाता के लिए यह लाभदायक कार्य बना रहे। उपभोक्ताओं की यह न्यूनतम आवश्यक संख्या ही वस्तुओं एवं सेवाओं की देहरी (सीमा) होती है।
किसी भी सेवा के लिए जनसंख्या सीमा (देहरी) का निर्धारण, सेवा को प्रारम्भ करने के लिए आवश्यक न्यूनतम जनसंख्या की आवश्यकता पड़ती है।
नोट : केन्द्र स्थल शब्दावली का प्रयोग सर्वप्रथम 1931ई. में मार्क जेफरसन ने किया था।