Correct Answer:
Option A - विद्या + आलय = विद्यालय (दीर्घस्वर सन्धि)
दो सवर्ण स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते हैं। यदि अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, और ऋ के बाद वे ही हृस्व या दीर्घ स्वर आएँ तो दोनों मिलकर क्रमश: आ, ई, उâ और ऋ हो जाते हैं।
अन्न + अभाव = अन्नाभाव
गिरि + इंद्र = गिरींद्र
भानु + उदय = भानूदय
पितृ + ऋण = पितृण
व्यंजन संधि - व्यंजन से स्वर अथवा स्वर से व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार को व्यंजन सन्धि कहते हैं।
दिक् + गज = दिग्गज
वाक् + मय = वाङ्मय
पम् + चम = पंचम
विसर्ग सन्धि - विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से जो विकार होता है। उसे विसर्ग सन्धि कहते हैं।
नि: + चय = निश्चय
नि: + कपट = निष्कपट
नि: + रव = नीरव
दु: + गंध = दुर्गंध
A. विद्या + आलय = विद्यालय (दीर्घस्वर सन्धि)
दो सवर्ण स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते हैं। यदि अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, और ऋ के बाद वे ही हृस्व या दीर्घ स्वर आएँ तो दोनों मिलकर क्रमश: आ, ई, उâ और ऋ हो जाते हैं।
अन्न + अभाव = अन्नाभाव
गिरि + इंद्र = गिरींद्र
भानु + उदय = भानूदय
पितृ + ऋण = पितृण
व्यंजन संधि - व्यंजन से स्वर अथवा स्वर से व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार को व्यंजन सन्धि कहते हैं।
दिक् + गज = दिग्गज
वाक् + मय = वाङ्मय
पम् + चम = पंचम
विसर्ग सन्धि - विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से जो विकार होता है। उसे विसर्ग सन्धि कहते हैं।
नि: + चय = निश्चय
नि: + कपट = निष्कपट
नि: + रव = नीरव
दु: + गंध = दुर्गंध