Correct Answer:
Option D - वेदान्तसार के अनुसार प्रमाता ‘अधिकारी’ का विशेषण है। अर्थात् -अधिकारी तु विधिवद्धीतवेदवेदाङ्गत्वेनापात तोऽधिगताखिलवेदार्थोऽस्मिन् जन्मनि जन्मान्तरे वा काम्यनिषिद्धवर्जनपुरस्सरं नित्यनैमित्तिक प्रायश्चित्तोपासनानुष्ठानेन निर्गतनिखिलकल्मषतया नितान्त निर्मलस्वान्त: साधनचतुष्टयसम्पन्न: प्रमाता।। ऐसा प्रमाता (प्रमाणों के द्वारा व्यवहार करने में समर्थ) पुरुष (इस ब्रह्मविद्याका) अधिकारी है।
D. वेदान्तसार के अनुसार प्रमाता ‘अधिकारी’ का विशेषण है। अर्थात् -अधिकारी तु विधिवद्धीतवेदवेदाङ्गत्वेनापात तोऽधिगताखिलवेदार्थोऽस्मिन् जन्मनि जन्मान्तरे वा काम्यनिषिद्धवर्जनपुरस्सरं नित्यनैमित्तिक प्रायश्चित्तोपासनानुष्ठानेन निर्गतनिखिलकल्मषतया नितान्त निर्मलस्वान्त: साधनचतुष्टयसम्पन्न: प्रमाता।। ऐसा प्रमाता (प्रमाणों के द्वारा व्यवहार करने में समर्थ) पुरुष (इस ब्रह्मविद्याका) अधिकारी है।