Correct Answer:
Option A - वेदाङ्गेषु व्याकरणम् मुखेन उपमीयते। अर्थात् वेदाङ्ग में व्याकरण को वेदपुरूष का मुख बताया गया है। हाथों को कल्प, ज्योतिष को चक्षु तथा छन्द को वेदपुरुष के पादों के रुप में माना जाता है। प्रश्नानुसार सही विकल्प (a) है।
A. वेदाङ्गेषु व्याकरणम् मुखेन उपमीयते। अर्थात् वेदाङ्ग में व्याकरण को वेदपुरूष का मुख बताया गया है। हाथों को कल्प, ज्योतिष को चक्षु तथा छन्द को वेदपुरुष के पादों के रुप में माना जाता है। प्रश्नानुसार सही विकल्प (a) है।