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Q: वेदों को इंडो-आर्यन सभ्यता का सर्वप्रथम साहित्यिक अभिलेख माना जाता है। इसमें शामिल चार वेदों के नाम ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और ___________ हैं।
  • A. अथर्ववेद
  • B. धनुर्वेद
  • C. आयुर्वेद
  • D. शिल्पवेद
Correct Answer: Option A - वेदों को इण्डो-आर्यन सभ्यता का सर्वप्रथम साहित्यिक अभिलेख माना जाता है, जिनका संकलन ‘महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास’ ने की थी। वेद का अर्थ ‘ज्ञान’ है। इनसे आर्यों के आगमन व बसने की जानकारी मिलती है। वेद चार हैं –: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। इन चार वेदों को संहिता कहा जाता है।
A. वेदों को इण्डो-आर्यन सभ्यता का सर्वप्रथम साहित्यिक अभिलेख माना जाता है, जिनका संकलन ‘महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास’ ने की थी। वेद का अर्थ ‘ज्ञान’ है। इनसे आर्यों के आगमन व बसने की जानकारी मिलती है। वेद चार हैं –: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। इन चार वेदों को संहिता कहा जाता है।

Explanations:

वेदों को इण्डो-आर्यन सभ्यता का सर्वप्रथम साहित्यिक अभिलेख माना जाता है, जिनका संकलन ‘महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास’ ने की थी। वेद का अर्थ ‘ज्ञान’ है। इनसे आर्यों के आगमन व बसने की जानकारी मिलती है। वेद चार हैं –: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। इन चार वेदों को संहिता कहा जाता है।