Correct Answer:
Option A - भुगतान संतुलन विवरण को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जा सकता है– (i) चालू खाता, (ii) पूंजी खाता।
चालू खाता के भी दो उपभाग किये जा सकते हैं– (क) दृश्य खाता (Visible accounts) या व्यापार खाता (Trade account)-इस खाता में वस्तुओं के निर्यात तथा आयात को प्रदर्शित करते हैं। (ख) अदृश्य खाता (Invisible account) – इस खाते में दो मदों – सेवाओं (Services) तथा एक पक्षीय हस्तान्तरण (Unilateral Transfers) को प्रदर्शित किया जाता है। अदृश्य मदों से आशय ऐसी मदों से है जिनकी प्राप्तियां तथा भुगतान वस्तुओं के आयात तथा निर्यात की तरह बन्दरगाह पर रिकार्ड नहीं की जाती। भारतीय निर्यात में सेवा निर्यात की सम्भाव्यता तथा महत्व को स्वीकार करते हुए वर्तमान में व्यापार नीति में सेवा क्षेत्र के निर्यात को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए विशिष्ट तथा व्यापक योजना है।
A. भुगतान संतुलन विवरण को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा जा सकता है– (i) चालू खाता, (ii) पूंजी खाता।
चालू खाता के भी दो उपभाग किये जा सकते हैं– (क) दृश्य खाता (Visible accounts) या व्यापार खाता (Trade account)-इस खाता में वस्तुओं के निर्यात तथा आयात को प्रदर्शित करते हैं। (ख) अदृश्य खाता (Invisible account) – इस खाते में दो मदों – सेवाओं (Services) तथा एक पक्षीय हस्तान्तरण (Unilateral Transfers) को प्रदर्शित किया जाता है। अदृश्य मदों से आशय ऐसी मदों से है जिनकी प्राप्तियां तथा भुगतान वस्तुओं के आयात तथा निर्यात की तरह बन्दरगाह पर रिकार्ड नहीं की जाती। भारतीय निर्यात में सेवा निर्यात की सम्भाव्यता तथा महत्व को स्वीकार करते हुए वर्तमान में व्यापार नीति में सेवा क्षेत्र के निर्यात को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए विशिष्ट तथा व्यापक योजना है।