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Q: विटामिन डी 3 को इस नाम से भी जाना जाता है:
  • A. कॉलेकैल्सिफेरॉल
  • B. एगोकैल्सिफेरॉल
  • C. रेटिनॉल
  • D. टोकोफेरॉल
Correct Answer: Option A - विटामिन D3 को कॉलेकैल्सिफेरॉल के नाम से भी जाना जाता है। विटामिन -डी दो रूपों में पाया जाता है :- 1. विटामिन डी2 (अर्गोकैल्सिफेरॉल) - यह वनस्पत्ति जगत से प्राप्त होता है। 2. विटामिन डी3 (कोलेकैल्सिफेरॉल) -यह जन्तु जगत से प्राप्त होता है। विटामिन डी को सूर्य की पराबैंगनी किरणों की मदद से त्वचा में संश्लेषित किया जा सकता है। मुख्य स्रोत - सूर्य की रोशनी (290-315 हस् तंरगदैर्घ्य), कॉड लीवर ऑयल, मछली, अण्डा की जर्दी आदि।
A. विटामिन D3 को कॉलेकैल्सिफेरॉल के नाम से भी जाना जाता है। विटामिन -डी दो रूपों में पाया जाता है :- 1. विटामिन डी2 (अर्गोकैल्सिफेरॉल) - यह वनस्पत्ति जगत से प्राप्त होता है। 2. विटामिन डी3 (कोलेकैल्सिफेरॉल) -यह जन्तु जगत से प्राप्त होता है। विटामिन डी को सूर्य की पराबैंगनी किरणों की मदद से त्वचा में संश्लेषित किया जा सकता है। मुख्य स्रोत - सूर्य की रोशनी (290-315 हस् तंरगदैर्घ्य), कॉड लीवर ऑयल, मछली, अण्डा की जर्दी आदि।

Explanations:

विटामिन D3 को कॉलेकैल्सिफेरॉल के नाम से भी जाना जाता है। विटामिन -डी दो रूपों में पाया जाता है :- 1. विटामिन डी2 (अर्गोकैल्सिफेरॉल) - यह वनस्पत्ति जगत से प्राप्त होता है। 2. विटामिन डी3 (कोलेकैल्सिफेरॉल) -यह जन्तु जगत से प्राप्त होता है। विटामिन डी को सूर्य की पराबैंगनी किरणों की मदद से त्वचा में संश्लेषित किया जा सकता है। मुख्य स्रोत - सूर्य की रोशनी (290-315 हस् तंरगदैर्घ्य), कॉड लीवर ऑयल, मछली, अण्डा की जर्दी आदि।