Correct Answer:
Option A - ‘उपन्यास-रहस्य’ शीर्षक से महावीरप्रसाद द्विवेदी जी का निबन्ध संग्रह है। यह निबन्ध ‘सरस्वती’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया था जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि उपन्यास के प्रचलन, विकास एवं सृजन का श्रेय पश्चिमी देशों के लेखकों को ही है, जिससे प्रेरणा लेकर हिंदी में भी उपन्यास रचना की जाने लगी।
A. ‘उपन्यास-रहस्य’ शीर्षक से महावीरप्रसाद द्विवेदी जी का निबन्ध संग्रह है। यह निबन्ध ‘सरस्वती’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया था जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि उपन्यास के प्रचलन, विकास एवं सृजन का श्रेय पश्चिमी देशों के लेखकों को ही है, जिससे प्रेरणा लेकर हिंदी में भी उपन्यास रचना की जाने लगी।