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Q: `विष्णु: वैकुण्ठमावसति' इत्यत्र वैकुण्ठे द्वितीयाविधायकसूत्रमस्ति
  • A. अभिनिविशश्च
  • B. तथायुक्तं चानीप्सितम्
  • C. उपान्वध्याङ्वस:
  • D. एकाधिकविकल्पा उपयुक्ता:
  • E. न कोऽपि उपयुक्त:
Correct Answer: Option C - विष्णु: वैकुण्ठमावसति इत्यत्र द्वितीया विभक्ति विधायक सूत्रम् ``उपान्वध्याङ्वस:'' अस्ति। अर्थात् विष्णु: वैकुण्ठमावसति यहाँ ``वैकुण्ठम्'' पद में द्वितीया विभक्ति विधायक सूत्र ``उपान्वध्याङ्वस:'' है। यह सूत्र उप, अनु, अधि, आड् पूर्वक वस् धातु के आधार की कर्म संज्ञा करता है'' यहाँ आधार बैकुण्ठ है जिसमें सप्तमी का विधान होता है। परन्तु आङ् पूर्वक वस् धातु का प्रयोग हुआ है अत: आधार कर्मसंज्ञक हो गया वहाँ ``कर्मणि द्वितीया'' से द्वितीया विभक्ति का विधान हो गया। अत: विकल्प (c) उपयुक्त है।
C. विष्णु: वैकुण्ठमावसति इत्यत्र द्वितीया विभक्ति विधायक सूत्रम् ``उपान्वध्याङ्वस:'' अस्ति। अर्थात् विष्णु: वैकुण्ठमावसति यहाँ ``वैकुण्ठम्'' पद में द्वितीया विभक्ति विधायक सूत्र ``उपान्वध्याङ्वस:'' है। यह सूत्र उप, अनु, अधि, आड् पूर्वक वस् धातु के आधार की कर्म संज्ञा करता है'' यहाँ आधार बैकुण्ठ है जिसमें सप्तमी का विधान होता है। परन्तु आङ् पूर्वक वस् धातु का प्रयोग हुआ है अत: आधार कर्मसंज्ञक हो गया वहाँ ``कर्मणि द्वितीया'' से द्वितीया विभक्ति का विधान हो गया। अत: विकल्प (c) उपयुक्त है।

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विष्णु: वैकुण्ठमावसति इत्यत्र द्वितीया विभक्ति विधायक सूत्रम् ``उपान्वध्याङ्वस:'' अस्ति। अर्थात् विष्णु: वैकुण्ठमावसति यहाँ ``वैकुण्ठम्'' पद में द्वितीया विभक्ति विधायक सूत्र ``उपान्वध्याङ्वस:'' है। यह सूत्र उप, अनु, अधि, आड् पूर्वक वस् धातु के आधार की कर्म संज्ञा करता है'' यहाँ आधार बैकुण्ठ है जिसमें सप्तमी का विधान होता है। परन्तु आङ् पूर्वक वस् धातु का प्रयोग हुआ है अत: आधार कर्मसंज्ञक हो गया वहाँ ``कर्मणि द्वितीया'' से द्वितीया विभक्ति का विधान हो गया। अत: विकल्प (c) उपयुक्त है।