Correct Answer:
Option D - ‘विस्मय’ स्थायी भाव ‘अद्भुत रस’ में होता है।
किसी असाधारण वस्तु को देखकर मन में जब विस्मय नामक स्थायी भाव की जागृति होती हैं, तब अद्भुत रस की निष्पत्ति होती है।
उदाहरण–अखिल भुवन चल-अचल, सब हरि मुख में लखी मातु।
चकित भई गद-गद वचन विकसित दृग पुलकातु।।
D. ‘विस्मय’ स्थायी भाव ‘अद्भुत रस’ में होता है।
किसी असाधारण वस्तु को देखकर मन में जब विस्मय नामक स्थायी भाव की जागृति होती हैं, तब अद्भुत रस की निष्पत्ति होती है।
उदाहरण–अखिल भुवन चल-अचल, सब हरि मुख में लखी मातु।
चकित भई गद-गद वचन विकसित दृग पुलकातु।।