Correct Answer:
Option B - पूर्ण प्रतियोगिता (Perfect Competition) बाजार संरचना में मांग पूर्णत: लोचशील होता है। पूर्ण प्रतियोगिता एक ऐसी बाजार संरचना है जिसमें व्यक्तिगत फर्मो के मध्य विरोधाभास अनुपस्थित होता है। पूर्ण प्रतियोगिता को ऐसे बाजार ढ़ाँचे के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जिसमें एक व्यक्तिगत फर्म वस्तु की बाजार कीमत को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं कर सकती। इस प्रकार की प्रतियोगिता का एक अच्छा उदाहरण कृषि बाजार है। अन्य किसी स्थान पर इस प्रकार की प्रतियोगिता देखने को नही मिलती है।
पूर्ण प्रतियोगिता की निम्नलिखित विशेषताएँ है-
i. क्रेताओं तथा वि क्रेताओं की अधिक संख्या
ii. बाजार दशाओं का पूर्ण ज्ञान
iii. पूर्ण प्रवासन
iv. विक्रय लागत की अनुपस्थिति
v. उत्पादन की समरूपता
vi. फर्मो का स्वतंत्र प्रवेश तथा बहिर्गमन
vii. उत्पाद के साधनों की पूर्ण गतिशीलता
B. पूर्ण प्रतियोगिता (Perfect Competition) बाजार संरचना में मांग पूर्णत: लोचशील होता है। पूर्ण प्रतियोगिता एक ऐसी बाजार संरचना है जिसमें व्यक्तिगत फर्मो के मध्य विरोधाभास अनुपस्थित होता है। पूर्ण प्रतियोगिता को ऐसे बाजार ढ़ाँचे के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जिसमें एक व्यक्तिगत फर्म वस्तु की बाजार कीमत को बिल्कुल भी प्रभावित नहीं कर सकती। इस प्रकार की प्रतियोगिता का एक अच्छा उदाहरण कृषि बाजार है। अन्य किसी स्थान पर इस प्रकार की प्रतियोगिता देखने को नही मिलती है।
पूर्ण प्रतियोगिता की निम्नलिखित विशेषताएँ है-
i. क्रेताओं तथा वि क्रेताओं की अधिक संख्या
ii. बाजार दशाओं का पूर्ण ज्ञान
iii. पूर्ण प्रवासन
iv. विक्रय लागत की अनुपस्थिति
v. उत्पादन की समरूपता
vi. फर्मो का स्वतंत्र प्रवेश तथा बहिर्गमन
vii. उत्पाद के साधनों की पूर्ण गतिशीलता