Correct Answer:
Option A - वीर रस का स्थायीभाव ‘उत्साह’ है। जिस प्रसंग अथवा काव्य में वीरता युक्त भाव प्रकट हो, जिसके माध्यम से उत्साह का प्रदर्शन किया गया हो, वहाँ वीर रस होता है।
A. वीर रस का स्थायीभाव ‘उत्साह’ है। जिस प्रसंग अथवा काव्य में वीरता युक्त भाव प्रकट हो, जिसके माध्यम से उत्साह का प्रदर्शन किया गया हो, वहाँ वीर रस होता है।