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Q: ‘वनेऽपि’ पदे क: सन्धि–
  • A. अयादि
  • B. पूर्वरूप
  • C. पररूप
  • D. यण्
Correct Answer: Option B - ‘वनेऽपि’ में पूर्वरूप सन्धि है। पूर्वरूप सन्धि– सूत्र- ‘एङ: पदान्तादति’ पद (सुबन्त या तिङन्त) के अन्तिम ए या ओ के बाद अ हो तो उसको पूर्वरूप (ऽ) हो जाता है। यथा – वनेऽपि – वने + अपि लोकोऽयम् – लोको + अयम्
B. ‘वनेऽपि’ में पूर्वरूप सन्धि है। पूर्वरूप सन्धि– सूत्र- ‘एङ: पदान्तादति’ पद (सुबन्त या तिङन्त) के अन्तिम ए या ओ के बाद अ हो तो उसको पूर्वरूप (ऽ) हो जाता है। यथा – वनेऽपि – वने + अपि लोकोऽयम् – लोको + अयम्

Explanations:

‘वनेऽपि’ में पूर्वरूप सन्धि है। पूर्वरूप सन्धि– सूत्र- ‘एङ: पदान्तादति’ पद (सुबन्त या तिङन्त) के अन्तिम ए या ओ के बाद अ हो तो उसको पूर्वरूप (ऽ) हो जाता है। यथा – वनेऽपि – वने + अपि लोकोऽयम् – लोको + अयम्