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Q: ‘‘विख्यात जीवन व्रत हमारा लोक हित एकान्त था, ‘आत्मा अमर है, देह नश्वर यह अटल सिद्धान्त था।’’ उपर्युक्त पंक्तियाँ किस कृति में संगृहित हैं?
  • A. साकेत
  • B. भारत भारती
  • C. सिद्धराज
  • D. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - ‘‘विख्यात जीवन व्रत हमारा लोक हित एकान्त था, ‘आत्मा अमर है, देह नश्वर’ यह अटल सिद्धान्त था।’’ यह पंक्ति मैथिलीशरण गुप्त की ‘भारत भारती’ से है। गुप्त जी ने 1912 ई. में राष्ट्र प्रेमहेतु ‘भारती भारती’ की रचना की। यह युवकों के गले का कंठहार बनी और इस पर इन्हें ‘राष्ट्रकवि’ की उपाधि मिली। साकेत गुप्त जी का 12 सर्गों का महाकाव्य है। साकेत में रामचरितमानस के उपेक्षित पात्रों का चित्रण हुआ है, जिसमें सर्वप्रमुख ‘उर्मिला’ है।
B. ‘‘विख्यात जीवन व्रत हमारा लोक हित एकान्त था, ‘आत्मा अमर है, देह नश्वर’ यह अटल सिद्धान्त था।’’ यह पंक्ति मैथिलीशरण गुप्त की ‘भारत भारती’ से है। गुप्त जी ने 1912 ई. में राष्ट्र प्रेमहेतु ‘भारती भारती’ की रचना की। यह युवकों के गले का कंठहार बनी और इस पर इन्हें ‘राष्ट्रकवि’ की उपाधि मिली। साकेत गुप्त जी का 12 सर्गों का महाकाव्य है। साकेत में रामचरितमानस के उपेक्षित पात्रों का चित्रण हुआ है, जिसमें सर्वप्रमुख ‘उर्मिला’ है।

Explanations:

‘‘विख्यात जीवन व्रत हमारा लोक हित एकान्त था, ‘आत्मा अमर है, देह नश्वर’ यह अटल सिद्धान्त था।’’ यह पंक्ति मैथिलीशरण गुप्त की ‘भारत भारती’ से है। गुप्त जी ने 1912 ई. में राष्ट्र प्रेमहेतु ‘भारती भारती’ की रचना की। यह युवकों के गले का कंठहार बनी और इस पर इन्हें ‘राष्ट्रकवि’ की उपाधि मिली। साकेत गुप्त जी का 12 सर्गों का महाकाव्य है। साकेत में रामचरितमानस के उपेक्षित पात्रों का चित्रण हुआ है, जिसमें सर्वप्रमुख ‘उर्मिला’ है।