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Q: विकासात्मक प्रक्रिया में असांतत्य के क्या मायने हैं?
  • A. विकास की प्रक्रिया के दौरान उभरने वाले नए तरीके जो संसार को समझने में मदद करते हैं।
  • B. विकासात्मक प्रक्रिया में नकारात्मक विच्छेद।
  • C. विकास की प्रक्रिया में अधोमुखी गिरावट।
  • D. विकास की प्रक्रिया में हस्तक्षेप।
Correct Answer: Option A - विकासात्मक प्रक्रिया में असांतत्य (Discontinuity) के मायने यह है कि ये विकास की प्रक्रिया के दौरान उभरने वाले नये तरीके है जो संसार को समझने में मदद करते है। इससे विकास की प्रक्रिया को विविध प्रकार से समझा जा सकता है। असांतत्य के द्वारा नये-नये प्रकार के तरीकों से परिचय प्राप्त होता है जिससे विकास की प्रक्रिया को समझकर सतत् रूप से अग्रसर किया जा सकता है। सतत् विकास वह विकास है जो भविष्य की पीढि़यों की अपनी जरुरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान की जरुरतों को पूरा करता है।
A. विकासात्मक प्रक्रिया में असांतत्य (Discontinuity) के मायने यह है कि ये विकास की प्रक्रिया के दौरान उभरने वाले नये तरीके है जो संसार को समझने में मदद करते है। इससे विकास की प्रक्रिया को विविध प्रकार से समझा जा सकता है। असांतत्य के द्वारा नये-नये प्रकार के तरीकों से परिचय प्राप्त होता है जिससे विकास की प्रक्रिया को समझकर सतत् रूप से अग्रसर किया जा सकता है। सतत् विकास वह विकास है जो भविष्य की पीढि़यों की अपनी जरुरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान की जरुरतों को पूरा करता है।

Explanations:

विकासात्मक प्रक्रिया में असांतत्य (Discontinuity) के मायने यह है कि ये विकास की प्रक्रिया के दौरान उभरने वाले नये तरीके है जो संसार को समझने में मदद करते है। इससे विकास की प्रक्रिया को विविध प्रकार से समझा जा सकता है। असांतत्य के द्वारा नये-नये प्रकार के तरीकों से परिचय प्राप्त होता है जिससे विकास की प्रक्रिया को समझकर सतत् रूप से अग्रसर किया जा सकता है। सतत् विकास वह विकास है जो भविष्य की पीढि़यों की अपनी जरुरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान की जरुरतों को पूरा करता है।