Correct Answer:
Option C - शिर:पदाभिमुख (मस्तकाधोमुखी) में शारीरिक विकास सिर से पैर की दिशा में होता है। प्रयोगात्मक अध्ययनों के आधार पर यह दिखाया गया है कि प्रसूतिकाल तथा जन्म के बाद के समय में बच्चों का शारीरिक विकास तथा मानसिक विकास दो प्रकार के नियमों से निर्देशित होता है – मस्तकाधोमुखी नियम तथा निकट दूर नियम। इन दोनों नियमों को मिलाकर एक साथ विकासात्मक दिशा का नियम कहा जाता है।
C. शिर:पदाभिमुख (मस्तकाधोमुखी) में शारीरिक विकास सिर से पैर की दिशा में होता है। प्रयोगात्मक अध्ययनों के आधार पर यह दिखाया गया है कि प्रसूतिकाल तथा जन्म के बाद के समय में बच्चों का शारीरिक विकास तथा मानसिक विकास दो प्रकार के नियमों से निर्देशित होता है – मस्तकाधोमुखी नियम तथा निकट दूर नियम। इन दोनों नियमों को मिलाकर एक साथ विकासात्मक दिशा का नियम कहा जाता है।