Correct Answer:
Option D - बाइगोत्स्की का मत है कि बालक में संज्ञानात्मक शक्तियों का विकास मुख्यत: दो कारकों से होता है। प्रथम सामाजिक कारक तथा द्वितीय भाषा। इन्हीं दोनों कारकों से बालक में सीखने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। सामाजिक कारकों के अन्तर्गत बच्चों का वयस्कों तथा सम वयस्कों के साथ परस्पर किया होता है तथा भाषा का विकास इसी कारक पर निर्भर करता है।
D. बाइगोत्स्की का मत है कि बालक में संज्ञानात्मक शक्तियों का विकास मुख्यत: दो कारकों से होता है। प्रथम सामाजिक कारक तथा द्वितीय भाषा। इन्हीं दोनों कारकों से बालक में सीखने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। सामाजिक कारकों के अन्तर्गत बच्चों का वयस्कों तथा सम वयस्कों के साथ परस्पर किया होता है तथा भाषा का विकास इसी कारक पर निर्भर करता है।