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Q: वाहनों में कितने प्रकार की वायरिंग प्रयोग की जाती है?
  • A. 1
  • B. 2
  • C. 3
  • D. 4
Correct Answer: Option B - वाहनों में दो प्रकार की वायरिंग प्रयोग की जाती है। (1) डबल पोल वायरिंग (2) सिंगल पोल वायरिंग डबल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में बैट्री के +Ve तथा –Ve दोनों टर्मिनलों से निकले तार द्वारा यूनिट को चलाया जाता है। सिंगल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में –Ve टर्मिनल को चेसिस के साथ मोटी तार द्वारा अर्थ कर दिया जाता है तथा +Ve टर्मिनल को यूनिट से जोड़कर चलाया जाता है। -
B. वाहनों में दो प्रकार की वायरिंग प्रयोग की जाती है। (1) डबल पोल वायरिंग (2) सिंगल पोल वायरिंग डबल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में बैट्री के +Ve तथा –Ve दोनों टर्मिनलों से निकले तार द्वारा यूनिट को चलाया जाता है। सिंगल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में –Ve टर्मिनल को चेसिस के साथ मोटी तार द्वारा अर्थ कर दिया जाता है तथा +Ve टर्मिनल को यूनिट से जोड़कर चलाया जाता है। -

Explanations:

वाहनों में दो प्रकार की वायरिंग प्रयोग की जाती है। (1) डबल पोल वायरिंग (2) सिंगल पोल वायरिंग डबल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में बैट्री के +Ve तथा –Ve दोनों टर्मिनलों से निकले तार द्वारा यूनिट को चलाया जाता है। सिंगल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में –Ve टर्मिनल को चेसिस के साथ मोटी तार द्वारा अर्थ कर दिया जाता है तथा +Ve टर्मिनल को यूनिट से जोड़कर चलाया जाता है। -