Correct Answer:
Option B - सिंगल पोल वायरिंग विधि में एक ही वायर द्वारा यूनिट को चलायी जाती है।
सिंगल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में '–V' टर्मिनल को चेसिस के साथ मोटे तार द्वारा अर्थ कर दिया जाता है तथा +V टर्मिनल को यूनिट से जोड़कर चलाया जाता है।
B. सिंगल पोल वायरिंग विधि में एक ही वायर द्वारा यूनिट को चलायी जाती है।
सिंगल पोल वायरिंग– इस प्रकार के वायरिंग में '–V' टर्मिनल को चेसिस के साथ मोटे तार द्वारा अर्थ कर दिया जाता है तथा +V टर्मिनल को यूनिट से जोड़कर चलाया जाता है।