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Q: वह अवस्था जब बच्चा तार्किक रूप से वस्तुओं व घटनाओं के विषय में चिंतन प्रारंभ करता है, है
  • A. औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था
  • B. पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था
  • C. मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था
  • D. संवेदी-प्रेरक अवस्था
Correct Answer: Option C - मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा किसी वस्तुओं व घटनाओं के विषय में चिंतन प्रारम्भ करता है इस अवस्था का प्रसार-7 से 11 वर्ष होता है। इस अवस्था में बच्चा तार्किक चिंतन और वस्तुओं को समझने योग्य हो जाता है मनोवैज्ञानिक पियाजे के अनुसार बच्चे में इस अवस्था में प्रमुख पाँच योग्यताओं का विकास होता है। (a) संरक्षण (b) संख्या बोध (c) क्रमानुसार (d) वर्गीकरण (5) पारस्परिक सम्बन्ध की क्षमता।
C. मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा किसी वस्तुओं व घटनाओं के विषय में चिंतन प्रारम्भ करता है इस अवस्था का प्रसार-7 से 11 वर्ष होता है। इस अवस्था में बच्चा तार्किक चिंतन और वस्तुओं को समझने योग्य हो जाता है मनोवैज्ञानिक पियाजे के अनुसार बच्चे में इस अवस्था में प्रमुख पाँच योग्यताओं का विकास होता है। (a) संरक्षण (b) संख्या बोध (c) क्रमानुसार (d) वर्गीकरण (5) पारस्परिक सम्बन्ध की क्षमता।

Explanations:

मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा किसी वस्तुओं व घटनाओं के विषय में चिंतन प्रारम्भ करता है इस अवस्था का प्रसार-7 से 11 वर्ष होता है। इस अवस्था में बच्चा तार्किक चिंतन और वस्तुओं को समझने योग्य हो जाता है मनोवैज्ञानिक पियाजे के अनुसार बच्चे में इस अवस्था में प्रमुख पाँच योग्यताओं का विकास होता है। (a) संरक्षण (b) संख्या बोध (c) क्रमानुसार (d) वर्गीकरण (5) पारस्परिक सम्बन्ध की क्षमता।