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Q: वेब केन्सीलेशन टाइप मफलर में एग्जॉस्ट गैसों के गुजरने का रास्ता कितने भागों में बँटा होता है?
  • A. दो
  • B. तीन
  • C. एक
  • D. चार
Correct Answer: Option A - वेब केन्सीलेशन टाइप मफलर में एग्जॉस्ट गैसों के गुजरने का रास्ता दो भागों में बँटा होता है। इन रास्तो की लम्बाई इस तरह समायोजित की जाती है कि एक तरफ से जाने वाली एग्जॉस्ट गैसों की तरंगों के क्रैस्ट (Crests) दूसरी तरफ की तरंगों के ट्रफ (Throughts) से मिलते हैं। अत: दोनों तरंगें एक दूसरे को काट देती हैं और उनसे कोई आवाज नहीं होती। यह तभी होता है जब दोनों तरंगों के रास्तो की लम्बाई का अन्तर तरंग की लम्बाई का आधा होता है। लेकिन प्रयोगात्मक रूप में यह सम्भव नहीं होता क्योंकि इंजन की विभिन्न स्पीड पर तरंगों की फ्रीक्वैंसी (Frequency) एक सी नहीं होती। फिर भी यह मफलर कुछ आवाज कम करता ही है।
A. वेब केन्सीलेशन टाइप मफलर में एग्जॉस्ट गैसों के गुजरने का रास्ता दो भागों में बँटा होता है। इन रास्तो की लम्बाई इस तरह समायोजित की जाती है कि एक तरफ से जाने वाली एग्जॉस्ट गैसों की तरंगों के क्रैस्ट (Crests) दूसरी तरफ की तरंगों के ट्रफ (Throughts) से मिलते हैं। अत: दोनों तरंगें एक दूसरे को काट देती हैं और उनसे कोई आवाज नहीं होती। यह तभी होता है जब दोनों तरंगों के रास्तो की लम्बाई का अन्तर तरंग की लम्बाई का आधा होता है। लेकिन प्रयोगात्मक रूप में यह सम्भव नहीं होता क्योंकि इंजन की विभिन्न स्पीड पर तरंगों की फ्रीक्वैंसी (Frequency) एक सी नहीं होती। फिर भी यह मफलर कुछ आवाज कम करता ही है।

Explanations:

वेब केन्सीलेशन टाइप मफलर में एग्जॉस्ट गैसों के गुजरने का रास्ता दो भागों में बँटा होता है। इन रास्तो की लम्बाई इस तरह समायोजित की जाती है कि एक तरफ से जाने वाली एग्जॉस्ट गैसों की तरंगों के क्रैस्ट (Crests) दूसरी तरफ की तरंगों के ट्रफ (Throughts) से मिलते हैं। अत: दोनों तरंगें एक दूसरे को काट देती हैं और उनसे कोई आवाज नहीं होती। यह तभी होता है जब दोनों तरंगों के रास्तो की लम्बाई का अन्तर तरंग की लम्बाई का आधा होता है। लेकिन प्रयोगात्मक रूप में यह सम्भव नहीं होता क्योंकि इंजन की विभिन्न स्पीड पर तरंगों की फ्रीक्वैंसी (Frequency) एक सी नहीं होती। फिर भी यह मफलर कुछ आवाज कम करता ही है।