Correct Answer:
Option C - पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा को एक खाद्य पिरामिड या ऊर्जा पिरामिड के रूप में दर्शाया जा सकता है। ऊर्जा पिरामिड सदैव ऊपर की ओर होता है। ऊर्जा के प्रत्येक पोषण स्तर में 90% ऊर्जा का ह्रास होता है तथा 10% ऊर्जा ही अगले स्तर पर पहुँच पाती है। इस नियम का प्रतिपादन वर्ष 1942 में लिंडेमान द्वारा किया गया था। इसीलिए इसे ‘लिन्डेमान का 10% का नियम’ भी कहते हैं।
C. पारिस्थितिकी तंत्र में ऊर्जा को एक खाद्य पिरामिड या ऊर्जा पिरामिड के रूप में दर्शाया जा सकता है। ऊर्जा पिरामिड सदैव ऊपर की ओर होता है। ऊर्जा के प्रत्येक पोषण स्तर में 90% ऊर्जा का ह्रास होता है तथा 10% ऊर्जा ही अगले स्तर पर पहुँच पाती है। इस नियम का प्रतिपादन वर्ष 1942 में लिंडेमान द्वारा किया गया था। इसीलिए इसे ‘लिन्डेमान का 10% का नियम’ भी कहते हैं।