search
Q: उत्तररामचरित में छाया अङ्क कौन-सा है –
  • A. प्रथम
  • B. द्वितीय
  • C. तृतीय
  • D. पञ्चम्
Correct Answer: Option C - उत्तर रामचरित नाटक में तृतीय अङ्क को छाया अज्र् के नाम से जाना जाता है। इस अङ्क में सीता राम के साथ छाया रूप में आद्यन्त रहतीं हैं इसलिए इसका नाम छायाङ्कन पड़ा। सीता अदृश्य रहकर भी अपने हाथ के स्पर्श से राम की मूर्च्छा दूर करती है। इस अङ्क में वासन्ती, तमसा, मुरला, भवभूति की मौलिक कल्पनाएँ हैं। प्रथम अङ्क चित्रदर्शन तथा द्वितीय अङ्क को पञ्चवटी प्रवेश के नाम से जाना जाता है।
C. उत्तर रामचरित नाटक में तृतीय अङ्क को छाया अज्र् के नाम से जाना जाता है। इस अङ्क में सीता राम के साथ छाया रूप में आद्यन्त रहतीं हैं इसलिए इसका नाम छायाङ्कन पड़ा। सीता अदृश्य रहकर भी अपने हाथ के स्पर्श से राम की मूर्च्छा दूर करती है। इस अङ्क में वासन्ती, तमसा, मुरला, भवभूति की मौलिक कल्पनाएँ हैं। प्रथम अङ्क चित्रदर्शन तथा द्वितीय अङ्क को पञ्चवटी प्रवेश के नाम से जाना जाता है।

Explanations:

उत्तर रामचरित नाटक में तृतीय अङ्क को छाया अज्र् के नाम से जाना जाता है। इस अङ्क में सीता राम के साथ छाया रूप में आद्यन्त रहतीं हैं इसलिए इसका नाम छायाङ्कन पड़ा। सीता अदृश्य रहकर भी अपने हाथ के स्पर्श से राम की मूर्च्छा दूर करती है। इस अङ्क में वासन्ती, तमसा, मुरला, भवभूति की मौलिक कल्पनाएँ हैं। प्रथम अङ्क चित्रदर्शन तथा द्वितीय अङ्क को पञ्चवटी प्रवेश के नाम से जाना जाता है।