Correct Answer:
Option C - उत्तराखण्ड की यह यात्रा गढ़वाल व कुमायूँ के सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। यह विश्व की अनोखी पद यात्रा है जिसमें चमोली के कासुवां गाँव के पास स्थित नौटी के नन्दा देवी मंदिर से हेमकुण्ड तक की 280 किमी. यात्रा 19-20 दिन में पूरी की जाती है। इस यात्रा में कुमाऊँ, गढ़वाल तथा देश के अन्य भागों के अलावा विदेश के लोग भी भाग लेते हैं। ध्यातव्य है कि यह यात्रा 18 अगस्त से 6 सितम्बर,2014 के मध्य सम्पन्न हुई। सामान्यत: यह यात्रा प्रत्येक 12 वर्ष के अंतराल पर आयोजित की जाती है।
C. उत्तराखण्ड की यह यात्रा गढ़वाल व कुमायूँ के सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। यह विश्व की अनोखी पद यात्रा है जिसमें चमोली के कासुवां गाँव के पास स्थित नौटी के नन्दा देवी मंदिर से हेमकुण्ड तक की 280 किमी. यात्रा 19-20 दिन में पूरी की जाती है। इस यात्रा में कुमाऊँ, गढ़वाल तथा देश के अन्य भागों के अलावा विदेश के लोग भी भाग लेते हैं। ध्यातव्य है कि यह यात्रा 18 अगस्त से 6 सितम्बर,2014 के मध्य सम्पन्न हुई। सामान्यत: यह यात्रा प्रत्येक 12 वर्ष के अंतराल पर आयोजित की जाती है।