Correct Answer:
Option A - दिये गये प्रश्न में दलित विमर्श से संबंधित असत्य कथन निम्नलिखित हैं-
हिन्दी दलित लेखन में महिला रचनाकारों की समस्या केन्द्र में है, यह कथन असत्य है क्योंकि दलित लेखन में पूरे दलित समस्या को केन्द्र में रखा गया है। जबकि हिन्दी दलित लेखन परंपरा में राजेन्द्र यादव, मैत्रेयी पुष्पा और कमलेश्वर प्रमुख नहीं हैं। दलित साहित्यकारों में प्रमुख नाम मोहनदास नैमिशराय तथा ओमप्रकाश वाल्मीकि का आता है। दलित विमर्श जाति आधारित अस्मिता मूलक विमर्श है। इसके केन्द्र में दलित जाति के अंतर्गत शामिल मनुष्यों के अनुभवों, कष्टों और संघर्षों को स्वर देने की संगठित कोशिश की गई है।
A. दिये गये प्रश्न में दलित विमर्श से संबंधित असत्य कथन निम्नलिखित हैं-
हिन्दी दलित लेखन में महिला रचनाकारों की समस्या केन्द्र में है, यह कथन असत्य है क्योंकि दलित लेखन में पूरे दलित समस्या को केन्द्र में रखा गया है। जबकि हिन्दी दलित लेखन परंपरा में राजेन्द्र यादव, मैत्रेयी पुष्पा और कमलेश्वर प्रमुख नहीं हैं। दलित साहित्यकारों में प्रमुख नाम मोहनदास नैमिशराय तथा ओमप्रकाश वाल्मीकि का आता है। दलित विमर्श जाति आधारित अस्मिता मूलक विमर्श है। इसके केन्द्र में दलित जाति के अंतर्गत शामिल मनुष्यों के अनुभवों, कष्टों और संघर्षों को स्वर देने की संगठित कोशिश की गई है।