Correct Answer:
Option A - श्री सुन्दरलाल बहुगुणा सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत करते हुए अपना सम्पूर्ण जीवन पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सर्मिपत कर दिया। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सन् 1981 में भारत सरकार ने इन्हें पद्म श्री पुरस्कार देने की घोषणा की, जिसे इन्होंने अस्वीकार कर दिया। अन्तत: सन् 2009 में इन्हें पद्म विभूषण प्रदान किया गया। 21 मई 2021 को सुन्दर लाल बहुगुणा की मृत्यु हो गई। महान पर्यावरण चिन्तक सुन्दर लाल बहुगुणा का जन्म मरोडा, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में 4 जनवरी 1927 को हुआ था। बहुगुणा जी चिपको आंदोलन के प्रणेता थे, जिस कारण इन्हें ‘वृक्षमित्र’ के नाम से भी जाना जाता है। अमेरिका की फ्रेंडस ऑफ नेचर’ संस्था (Friend of Nature) ने इन्हें 1980 में पुरस्कृत किया।
A. श्री सुन्दरलाल बहुगुणा सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत करते हुए अपना सम्पूर्ण जीवन पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सर्मिपत कर दिया। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में इनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सन् 1981 में भारत सरकार ने इन्हें पद्म श्री पुरस्कार देने की घोषणा की, जिसे इन्होंने अस्वीकार कर दिया। अन्तत: सन् 2009 में इन्हें पद्म विभूषण प्रदान किया गया। 21 मई 2021 को सुन्दर लाल बहुगुणा की मृत्यु हो गई। महान पर्यावरण चिन्तक सुन्दर लाल बहुगुणा का जन्म मरोडा, टिहरी गढ़वाल, उत्तराखण्ड में 4 जनवरी 1927 को हुआ था। बहुगुणा जी चिपको आंदोलन के प्रणेता थे, जिस कारण इन्हें ‘वृक्षमित्र’ के नाम से भी जाना जाता है। अमेरिका की फ्रेंडस ऑफ नेचर’ संस्था (Friend of Nature) ने इन्हें 1980 में पुरस्कृत किया।