Correct Answer:
Option A - ‘मरूद्भिद’ शुष्क आवास स्थलों, वनो अथवा मरूस्थलीय वनों में पायी जाने वाली वनस्पतियां हैं। ऐसे वासस्थलों में जल की अत्याधिक कमी पायी जाती है। इस प्रकार के पादप लम्बी अवधि के शुष्क अनावृष्टिकाल में भी जीवित रह सकते हैं। मरूद्भिदों के तने कंटकों में परिवर्तित हो जाते हैं।
A. ‘मरूद्भिद’ शुष्क आवास स्थलों, वनो अथवा मरूस्थलीय वनों में पायी जाने वाली वनस्पतियां हैं। ऐसे वासस्थलों में जल की अत्याधिक कमी पायी जाती है। इस प्रकार के पादप लम्बी अवधि के शुष्क अनावृष्टिकाल में भी जीवित रह सकते हैं। मरूद्भिदों के तने कंटकों में परिवर्तित हो जाते हैं।