Correct Answer:
Option B - उत्तरांचल के तराई क्षेत्र में पाताल तोड़ कूप पाये जाते हैं। इन्हें पाताल तोड़ कुएँ भी कहते हैं। कंकरीली व पथरीली मिट्टी से निर्मित क्षेत्र को भाबर तथा महीन अवसादों वाली मिट्टी से निर्मित क्षेत्र को `तराई' के नाम से जाना जाता है। भाबर क्षेत्र के अन्तर्गत प्रमुख रूप से ऊधमसिंह नगर सम्मिलित है, जो एक संकरी पट्टी के रूप में हैं। इस क्षेत्र में पर्वतीय नदियों, नालों व स्रोतों का जल विस्तार रेतीली भूमि के नीचे अदृश्य हो जाता है। इस क्षेत्र में उपयुक्त मिट्टी होने के कारण चावल व गन्ना प्रमुख रूप से उत्पादित होता है।
B. उत्तरांचल के तराई क्षेत्र में पाताल तोड़ कूप पाये जाते हैं। इन्हें पाताल तोड़ कुएँ भी कहते हैं। कंकरीली व पथरीली मिट्टी से निर्मित क्षेत्र को भाबर तथा महीन अवसादों वाली मिट्टी से निर्मित क्षेत्र को `तराई' के नाम से जाना जाता है। भाबर क्षेत्र के अन्तर्गत प्रमुख रूप से ऊधमसिंह नगर सम्मिलित है, जो एक संकरी पट्टी के रूप में हैं। इस क्षेत्र में पर्वतीय नदियों, नालों व स्रोतों का जल विस्तार रेतीली भूमि के नीचे अदृश्य हो जाता है। इस क्षेत्र में उपयुक्त मिट्टी होने के कारण चावल व गन्ना प्रमुख रूप से उत्पादित होता है।