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Q: उत्तराखण्ड का कौन-सा भाग वर्षा ऋतु में सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करता है–
  • A. लघु हिमालय
  • B. बाह्रा हिमालय
  • C. भाबर
  • D. तराई
Correct Answer: Option B - उत्तराखण्ड के वाह्य हिमालय का क्षेत्र वर्षा ऋतु में सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करता है।उत्तराखण्ड में वर्षा का विवरण निम्न प्रकार है– (i) सबसे कम वर्षा (40–80 सेमी.)– वृहत हिमालय के ऊपरी व उत्तरी क्षेत्रों में। (ii) कम वर्षा (80–120 सेमी.) – मध्य हिमालय के ऊपरी व उत्तरी क्षेत्रों में। (iii) अधिक वर्षा (120–200 सेमी.)– दून तथा मध्य हिमालय के दक्षिणी ढालो व नदी घाटियों में। (iv) अधिकतम वर्षा (200 सेमी० से अधिक)– शिवालिक, भाबर एवं तराई क्षेत्रों में। (बाह्य हिमालय) उत्तराखण्ड में वर्षा ऋतु को बसगाल और चौमास कहा जाता है।
B. उत्तराखण्ड के वाह्य हिमालय का क्षेत्र वर्षा ऋतु में सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करता है।उत्तराखण्ड में वर्षा का विवरण निम्न प्रकार है– (i) सबसे कम वर्षा (40–80 सेमी.)– वृहत हिमालय के ऊपरी व उत्तरी क्षेत्रों में। (ii) कम वर्षा (80–120 सेमी.) – मध्य हिमालय के ऊपरी व उत्तरी क्षेत्रों में। (iii) अधिक वर्षा (120–200 सेमी.)– दून तथा मध्य हिमालय के दक्षिणी ढालो व नदी घाटियों में। (iv) अधिकतम वर्षा (200 सेमी० से अधिक)– शिवालिक, भाबर एवं तराई क्षेत्रों में। (बाह्य हिमालय) उत्तराखण्ड में वर्षा ऋतु को बसगाल और चौमास कहा जाता है।

Explanations:

उत्तराखण्ड के वाह्य हिमालय का क्षेत्र वर्षा ऋतु में सर्वाधिक वर्षा प्राप्त करता है।उत्तराखण्ड में वर्षा का विवरण निम्न प्रकार है– (i) सबसे कम वर्षा (40–80 सेमी.)– वृहत हिमालय के ऊपरी व उत्तरी क्षेत्रों में। (ii) कम वर्षा (80–120 सेमी.) – मध्य हिमालय के ऊपरी व उत्तरी क्षेत्रों में। (iii) अधिक वर्षा (120–200 सेमी.)– दून तथा मध्य हिमालय के दक्षिणी ढालो व नदी घाटियों में। (iv) अधिकतम वर्षा (200 सेमी० से अधिक)– शिवालिक, भाबर एवं तराई क्षेत्रों में। (बाह्य हिमालय) उत्तराखण्ड में वर्षा ऋतु को बसगाल और चौमास कहा जाता है।