Correct Answer:
Option C - एक विशिष्ट संस्कृति एवं परम्पराओं वाला क्षेत्र रहने के कारण उत्तरांचल के लोग भिन्न तरह के परिधान तथा आभूषण पहनते रहे हैं। तिलहरी गले का गहना है तथा चन्द्रहार गले का हार है। बुलांक, नथ, फूली, विवाहित स्त्रियाँ नाक में पहनती हैं। धागुला चाँदी के बने आभूषण हाथ में पहने जाते हैं। इसमें तरह-तरह के डिजाइन भी डाले जाते हैं। पौंटा, झांवर चांदी के आभूषण पैर में पहने जाते हैं।
C. एक विशिष्ट संस्कृति एवं परम्पराओं वाला क्षेत्र रहने के कारण उत्तरांचल के लोग भिन्न तरह के परिधान तथा आभूषण पहनते रहे हैं। तिलहरी गले का गहना है तथा चन्द्रहार गले का हार है। बुलांक, नथ, फूली, विवाहित स्त्रियाँ नाक में पहनती हैं। धागुला चाँदी के बने आभूषण हाथ में पहने जाते हैं। इसमें तरह-तरह के डिजाइन भी डाले जाते हैं। पौंटा, झांवर चांदी के आभूषण पैर में पहने जाते हैं।