Correct Answer:
Option B - उत्तरांचल के साहित्यकार रमेश चन्द्र शाह को वर्ष 2001 का व्यास सम्मान दिया गया था। शैलेष मटियानी जाने-माने हिन्दी लेखक एवं चिंतक हैं। ये 30 उपन्यास, 28 कथा संग्रह, 7 लोक कथा संग्रह, राष्ट्र भाषा के सवाल, जनता और साहित्य आदि के रचनाकार हैं। वीरेन्द्र डंगवाल को वर्ष 2004 के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनके दो कविता संग्रह ‘इसी दुनिया में’ और ‘दुष्चक्र में स्रष्टा’ प्रकाशित है। कसप, हम लोग, कुरू-कुरू स्वाहा आदि मनोहर श्याम जोशी की रचनाएं हैं। 24 मार्च 2021 को के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा हिन्दी के प्रसिद्ध लेखक प्रो. शरद पगारे को वर्ष 2020 के लिए प्रतिष्ठित 30वां व्यास सम्मान प्रदान किये जाने की घोषणा की गई।
B. उत्तरांचल के साहित्यकार रमेश चन्द्र शाह को वर्ष 2001 का व्यास सम्मान दिया गया था। शैलेष मटियानी जाने-माने हिन्दी लेखक एवं चिंतक हैं। ये 30 उपन्यास, 28 कथा संग्रह, 7 लोक कथा संग्रह, राष्ट्र भाषा के सवाल, जनता और साहित्य आदि के रचनाकार हैं। वीरेन्द्र डंगवाल को वर्ष 2004 के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनके दो कविता संग्रह ‘इसी दुनिया में’ और ‘दुष्चक्र में स्रष्टा’ प्रकाशित है। कसप, हम लोग, कुरू-कुरू स्वाहा आदि मनोहर श्याम जोशी की रचनाएं हैं। 24 मार्च 2021 को के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा हिन्दी के प्रसिद्ध लेखक प्रो. शरद पगारे को वर्ष 2020 के लिए प्रतिष्ठित 30वां व्यास सम्मान प्रदान किये जाने की घोषणा की गई।