Correct Answer:
Option A - हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में गीति नाट्यों या काव्य नाटकों की भी रचना हुई है। इन गीति नाटकों में `उत्तर प्रियदर्शी' नामक गीति नाट्य के लेखक अज्ञेय हैं। अन्य गीतिनाट्यों में हरिकृष्ण प्रेमी का `स्वर्ण विहान' मैथिलीशरण गुप्त का `अनघ' भगवतीचरण वर्मा का `तारा', उदयशंकर भट्ट के `मत्स्यगंधा' और `विश्वामित्र', वीरेन्द्र नारायण का `सूरदास', रामेश्वर सिंह कश्यप कृत `अपराजेय', भारतभूषण अग्रवाल कृत `अग्निलीक', चन्द्रशेखरकृत `शिवधनुष' तथा कुंथा जैन कृत `बाहुबली' महत्वपूर्ण है।
A. हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में गीति नाट्यों या काव्य नाटकों की भी रचना हुई है। इन गीति नाटकों में `उत्तर प्रियदर्शी' नामक गीति नाट्य के लेखक अज्ञेय हैं। अन्य गीतिनाट्यों में हरिकृष्ण प्रेमी का `स्वर्ण विहान' मैथिलीशरण गुप्त का `अनघ' भगवतीचरण वर्मा का `तारा', उदयशंकर भट्ट के `मत्स्यगंधा' और `विश्वामित्र', वीरेन्द्र नारायण का `सूरदास', रामेश्वर सिंह कश्यप कृत `अपराजेय', भारतभूषण अग्रवाल कृत `अग्निलीक', चन्द्रशेखरकृत `शिवधनुष' तथा कुंथा जैन कृत `बाहुबली' महत्वपूर्ण है।