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Q: `उत्तर प्रियदर्शी' नामक गीति नाट्य के लेखक कौन है–
  • A. अज्ञेय
  • B. मुक्तिबोध
  • C. प्रसाद
  • D. हरिकृष्ण प्रेमी
Correct Answer: Option A - हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में गीति नाट्यों या काव्य नाटकों की भी रचना हुई है। इन गीति नाटकों में `उत्तर प्रियदर्शी' नामक गीति नाट्य के लेखक अज्ञेय हैं। अन्य गीतिनाट्यों में हरिकृष्ण प्रेमी का `स्वर्ण विहान' मैथिलीशरण गुप्त का `अनघ' भगवतीचरण वर्मा का `तारा', उदयशंकर भट्ट के `मत्स्यगंधा' और `विश्वामित्र', वीरेन्द्र नारायण का `सूरदास', रामेश्वर सिंह कश्यप कृत `अपराजेय', भारतभूषण अग्रवाल कृत `अग्निलीक', चन्द्रशेखरकृत `शिवधनुष' तथा कुंथा जैन कृत `बाहुबली' महत्वपूर्ण है।
A. हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में गीति नाट्यों या काव्य नाटकों की भी रचना हुई है। इन गीति नाटकों में `उत्तर प्रियदर्शी' नामक गीति नाट्य के लेखक अज्ञेय हैं। अन्य गीतिनाट्यों में हरिकृष्ण प्रेमी का `स्वर्ण विहान' मैथिलीशरण गुप्त का `अनघ' भगवतीचरण वर्मा का `तारा', उदयशंकर भट्ट के `मत्स्यगंधा' और `विश्वामित्र', वीरेन्द्र नारायण का `सूरदास', रामेश्वर सिंह कश्यप कृत `अपराजेय', भारतभूषण अग्रवाल कृत `अग्निलीक', चन्द्रशेखरकृत `शिवधनुष' तथा कुंथा जैन कृत `बाहुबली' महत्वपूर्ण है।

Explanations:

हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में गीति नाट्यों या काव्य नाटकों की भी रचना हुई है। इन गीति नाटकों में `उत्तर प्रियदर्शी' नामक गीति नाट्य के लेखक अज्ञेय हैं। अन्य गीतिनाट्यों में हरिकृष्ण प्रेमी का `स्वर्ण विहान' मैथिलीशरण गुप्त का `अनघ' भगवतीचरण वर्मा का `तारा', उदयशंकर भट्ट के `मत्स्यगंधा' और `विश्वामित्र', वीरेन्द्र नारायण का `सूरदास', रामेश्वर सिंह कश्यप कृत `अपराजेय', भारतभूषण अग्रवाल कृत `अग्निलीक', चन्द्रशेखरकृत `शिवधनुष' तथा कुंथा जैन कृत `बाहुबली' महत्वपूर्ण है।