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Q: उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम-1947 की धारा 15 ग्राम सभा के कार्यों का निर्धारण करती है– (i) कृषि एवं कृषि को बढ़ावा देना तथा विकास करना (ii) मैदानों एवं चारागाहों का विकास (iii) भूमि विकास में सरकार की सहायता न करना (iv) लघु सिंचाई परियोजनाओं से जल वितरण का प्रबंधन एवं सहायता करना। (v) डेयरी, मुर्गी पालन आदि को बढ़ावा न देना सही कूट का चयन करें–
  • A. (i), (ii) एवं (iv)
  • B. (iii), (iv) एवं (v)
  • C. (i), (ii) एवं (iv)
  • D. (i), (ii), (iii) एवं (iv)
Correct Answer: Option C - उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम-1947 की धारा 15 ग्राम सभा के कार्यों का निर्धारण करती है जिनमें से कुछ मुख्य है– (i) कृषि एवं कृषि को बढ़ावा देना तथा विकास करना (ii) मैदानों एवं चारागाहों का विकास (iii) भूमि विकास में सरकार की सहायता करना (iv) लघु सिंचाई परियोजनाओं में जल वितरण का प्रबन्धन एवं सहायता करना (v) डेयरी, मुर्गी पालन आदि का बढ़ावा देना
C. उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम-1947 की धारा 15 ग्राम सभा के कार्यों का निर्धारण करती है जिनमें से कुछ मुख्य है– (i) कृषि एवं कृषि को बढ़ावा देना तथा विकास करना (ii) मैदानों एवं चारागाहों का विकास (iii) भूमि विकास में सरकार की सहायता करना (iv) लघु सिंचाई परियोजनाओं में जल वितरण का प्रबन्धन एवं सहायता करना (v) डेयरी, मुर्गी पालन आदि का बढ़ावा देना

Explanations:

उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम-1947 की धारा 15 ग्राम सभा के कार्यों का निर्धारण करती है जिनमें से कुछ मुख्य है– (i) कृषि एवं कृषि को बढ़ावा देना तथा विकास करना (ii) मैदानों एवं चारागाहों का विकास (iii) भूमि विकास में सरकार की सहायता करना (iv) लघु सिंचाई परियोजनाओं में जल वितरण का प्रबन्धन एवं सहायता करना (v) डेयरी, मुर्गी पालन आदि का बढ़ावा देना