Explanations:
वेल्ड तत्व किसी भी बिन्दु पर दो प्रकार के प्रतिबल के अधीन होगा– (i) ऊर्ध्वाधर कर्तन प्रतिबल 't' अक्षीय भार 'P' के कारण (ii) मरोड़ वाले आघूर्ण के कारण मरोड़ वाला कर्तन प्रतिबल T = P.e.ऊर्ध्वाधर कर्तन की दिशा ऊर्ध्वाधर होगी जबकि मरोड़ की दिशा कर्तन प्रतिबल उस बिंदु को वेल्ड के केन्द्रक से जोड़ने वाले त्रिज्या वेक्टर के समकोण पर होगा।