Correct Answer:
Option C - विश्वे सर्वत्र विश्वबन्धुत्वभाव: भवेत्। उपरोक्त गद्यांश में बताया गया है कि यदि सम्पूर्ण विश्व में विश्वबन्धुत्व की भावना होगी तभी किसी देश का विकास सम्भव हो सकता है।
विश्वबन्धुत्व का तात्पर्य सम्पूर्ण विश्व के लोगों के साथ भाई-चारे का व्यवहार करना।
C. विश्वे सर्वत्र विश्वबन्धुत्वभाव: भवेत्। उपरोक्त गद्यांश में बताया गया है कि यदि सम्पूर्ण विश्व में विश्वबन्धुत्व की भावना होगी तभी किसी देश का विकास सम्भव हो सकता है।
विश्वबन्धुत्व का तात्पर्य सम्पूर्ण विश्व के लोगों के साथ भाई-चारे का व्यवहार करना।