Correct Answer:
Option C - भारतीय संविधान के अनुच्छेद-17 द्वारा अश्पृश्यता को समाप्त किया गया है और उसका किसी भी रूप में आचरण निषिद्ध किया गया। ‘अस्पृश्यता’ से उपजी किसी निर्योग्यता को लागू करना अपराध होगा, जो विधि के अनुसार दंडनीय होगा। अनुच्छेद-14 का संबंध विधि के समक्ष समता, अनुच्छेद-15 के अनुसार राज्य किसी भी नागरिक के साथ जाति धर्म, लिंग जन्म-स्थान और वंश के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता है। अनुच्छेद-22 का संंबंध गिरफ्तारी और कुछ मामलों में नजरबंदी के खिलाफ संरक्षण से है।
C. भारतीय संविधान के अनुच्छेद-17 द्वारा अश्पृश्यता को समाप्त किया गया है और उसका किसी भी रूप में आचरण निषिद्ध किया गया। ‘अस्पृश्यता’ से उपजी किसी निर्योग्यता को लागू करना अपराध होगा, जो विधि के अनुसार दंडनीय होगा। अनुच्छेद-14 का संबंध विधि के समक्ष समता, अनुच्छेद-15 के अनुसार राज्य किसी भी नागरिक के साथ जाति धर्म, लिंग जन्म-स्थान और वंश के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता है। अनुच्छेद-22 का संंबंध गिरफ्तारी और कुछ मामलों में नजरबंदी के खिलाफ संरक्षण से है।