Correct Answer:
Option A - रिट अधिकारिता के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है। यदि व्यक्ति के किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है, तो वह अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सर्वोच्च न्यायालय में मुकदमा दायर कर सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ऐसे व्यक्ति को उपचार देने के लिए निम्नलिखित रिट जारी करता है। बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण तथा अधिकार-पृच्छा अनुच्छेद 226 के तहत यह रिट जारी करते हैं।
A. रिट अधिकारिता के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है। यदि व्यक्ति के किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन होता है, तो वह अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सर्वोच्च न्यायालय में मुकदमा दायर कर सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ऐसे व्यक्ति को उपचार देने के लिए निम्नलिखित रिट जारी करता है। बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण तथा अधिकार-पृच्छा अनुच्छेद 226 के तहत यह रिट जारी करते हैं।