Correct Answer:
Option B - (A) सावित्री बाई फुले ने स्त्रियों की शिक्षा के लिए काम किया।
(B) इस विमर्श की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है सुशान बेसनेट की फेमिनिस्ट एक्सपीरिएन्सेज।
स्त्री विमर्श के सन्दर्भ में दोनों कथन सत्य है।
⇒ सावित्री बाई फुले ने अनेक संघर्ष किए तथा स्त्री शिक्षा हेतु विद्यालय खोले, जिससे स्त्रियाँ शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बन सके। इन्होंने बाल-विवाह, पर्दाप्रथा, सतीप्रथा आदि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने हेतु स्त्रियों का शिक्षित होना ही एक मात्र विकल्प समझा।
⇒ अमेरिका में राष्ट्रीय महिला संगठन का गठन 30 जून 1966 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित महिलाओं की स्थिति पर आयोग के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में हुआ था राष्ट्रीय महिला संगठन की प्रथम अध्यक्ष बेट्टी फ्रीडन हैं। यह संगठन सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों में लैंगिक समानता प्राप्त करने के साझा लक्ष्य पर केन्द्रित लोगों का एक समूह है।
⇒ ओमप्रकाश बाल्मीकि और मोहनदास नैमिश्राय दलित विमर्श के प्रमुख लेखक हैं।
⇒ नारीवाद पूँजीवाद पितृसत्ता का विरोध करता है।
B. (A) सावित्री बाई फुले ने स्त्रियों की शिक्षा के लिए काम किया।
(B) इस विमर्श की एक महत्वपूर्ण पुस्तक है सुशान बेसनेट की फेमिनिस्ट एक्सपीरिएन्सेज।
स्त्री विमर्श के सन्दर्भ में दोनों कथन सत्य है।
⇒ सावित्री बाई फुले ने अनेक संघर्ष किए तथा स्त्री शिक्षा हेतु विद्यालय खोले, जिससे स्त्रियाँ शिक्षित होकर आत्मनिर्भर बन सके। इन्होंने बाल-विवाह, पर्दाप्रथा, सतीप्रथा आदि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने हेतु स्त्रियों का शिक्षित होना ही एक मात्र विकल्प समझा।
⇒ अमेरिका में राष्ट्रीय महिला संगठन का गठन 30 जून 1966 को वाशिंगटन डीसी में आयोजित महिलाओं की स्थिति पर आयोग के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में हुआ था राष्ट्रीय महिला संगठन की प्रथम अध्यक्ष बेट्टी फ्रीडन हैं। यह संगठन सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों में लैंगिक समानता प्राप्त करने के साझा लक्ष्य पर केन्द्रित लोगों का एक समूह है।
⇒ ओमप्रकाश बाल्मीकि और मोहनदास नैमिश्राय दलित विमर्श के प्रमुख लेखक हैं।
⇒ नारीवाद पूँजीवाद पितृसत्ता का विरोध करता है।