Correct Answer:
Option B - उक्त कथन आलोचक विश्वनाथ प्रसाद मिश्र के प्रति बच्चन सिंह ने ‘हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास’ में लिखा है। क्रान्तिकारी कवि निराला, साहित्य का समाजशास्त्र (आलोचना), कई चेहरों के बाद (कहानी संग्रह) , लहरें और कगार, पांचाली, कुन्ती (उपन्यास) बच्चन सिंह की प्रमुख रचनाएँ हैं।
B. उक्त कथन आलोचक विश्वनाथ प्रसाद मिश्र के प्रति बच्चन सिंह ने ‘हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास’ में लिखा है। क्रान्तिकारी कवि निराला, साहित्य का समाजशास्त्र (आलोचना), कई चेहरों के बाद (कहानी संग्रह) , लहरें और कगार, पांचाली, कुन्ती (उपन्यास) बच्चन सिंह की प्रमुख रचनाएँ हैं।