Correct Answer:
Option C - लाल मृदा दक्षिणी प्रयागराज, झांसी, मिर्जापुर, सोनभद्र तथा चन्दौली जिलों में पायी जाती है। इस मृदा का निर्माण बालुकामय लाल विन्ध्य चट्टानों के टूटने-फूटने से हुआ। इस मृदा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, चूना तथा जैव तत्वों की कमी तथा लौह अंश की अधिकता पायी जाती है।
C. लाल मृदा दक्षिणी प्रयागराज, झांसी, मिर्जापुर, सोनभद्र तथा चन्दौली जिलों में पायी जाती है। इस मृदा का निर्माण बालुकामय लाल विन्ध्य चट्टानों के टूटने-फूटने से हुआ। इस मृदा में नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, चूना तथा जैव तत्वों की कमी तथा लौह अंश की अधिकता पायी जाती है।