Correct Answer:
Option C - `शतकत्रय' ग्रन्थ के रचनाकार ने वाक्यपदीय नामक व्याकरण ग्रन्थ की रचना की थी। इसमें व्याकरण शास्त्र के दार्शनिक सिद्धान्तों का पद्यों में मार्मिक विवेचन किया गया है। भर्तृहरि के काव्य के अनुशीलन से स्पष्ट होता है कि भर्तृहरि को आचार-विचार तथा पौराणिक सिद्धान्तों पर पूर्ण आस्था थी।
C. `शतकत्रय' ग्रन्थ के रचनाकार ने वाक्यपदीय नामक व्याकरण ग्रन्थ की रचना की थी। इसमें व्याकरण शास्त्र के दार्शनिक सिद्धान्तों का पद्यों में मार्मिक विवेचन किया गया है। भर्तृहरि के काव्य के अनुशीलन से स्पष्ट होता है कि भर्तृहरि को आचार-विचार तथा पौराणिक सिद्धान्तों पर पूर्ण आस्था थी।