Correct Answer:
Option C - स्तूप का शाब्दिक अर्थ होता है ‘ढेर’ या ‘थूहा’। स्तूप संस्कृत के ‘स्तुप’ धातु से बना है जिसका अर्थ है ‘एकत्र करना अथवा ढ़ेर लगाना’ इसके लिए प्राकृत शब्द ‘भूप’ मिलता है। स्तूप निर्माण का वास्तविक कार्य अशोक के समय में प्रारम्भ हुआ तथा स्तूपों का विस्तार सम्पूर्ण देश में किया गया। बौद्ध परम्परा में अशोक को 84 हजार स्तूपों के निर्माण का श्रेय प्रदान करती है। सातवाहन शासकों के समय में अमरावती में प्रसिद्ध महास्तूप (बौद्धस्तूप) का निर्माण करवाया गया था जो तेरहवीं शदी तक अनेक बौद्ध यात्रियों के आकर्षण का केन्द्र बना रहा। आन्ध्र प्रदेश के गुन्टूर जिले में कृष्णा नदी के तट पर स्थित अमरावती नामक नगर प्राचीन काल में आन्ध्र प्रदेश की राजधानी था। सातवाहन शासक शातकर्णी प्रथम ने यहाँ अपनी राजधानी बनाई थी। सातवाहन काल में यह प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं आर्थिक केन्द्र था।
C. स्तूप का शाब्दिक अर्थ होता है ‘ढेर’ या ‘थूहा’। स्तूप संस्कृत के ‘स्तुप’ धातु से बना है जिसका अर्थ है ‘एकत्र करना अथवा ढ़ेर लगाना’ इसके लिए प्राकृत शब्द ‘भूप’ मिलता है। स्तूप निर्माण का वास्तविक कार्य अशोक के समय में प्रारम्भ हुआ तथा स्तूपों का विस्तार सम्पूर्ण देश में किया गया। बौद्ध परम्परा में अशोक को 84 हजार स्तूपों के निर्माण का श्रेय प्रदान करती है। सातवाहन शासकों के समय में अमरावती में प्रसिद्ध महास्तूप (बौद्धस्तूप) का निर्माण करवाया गया था जो तेरहवीं शदी तक अनेक बौद्ध यात्रियों के आकर्षण का केन्द्र बना रहा। आन्ध्र प्रदेश के गुन्टूर जिले में कृष्णा नदी के तट पर स्थित अमरावती नामक नगर प्राचीन काल में आन्ध्र प्रदेश की राजधानी था। सातवाहन शासक शातकर्णी प्रथम ने यहाँ अपनी राजधानी बनाई थी। सातवाहन काल में यह प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं आर्थिक केन्द्र था।