Correct Answer:
Option C - टोबिन ने 1971 में स्थिर विनिमय दर प्रणाली के समाप्त होने के बाद विदेशी विनिमय दर में तीव्र उच्चावचनों पर अंकुश लाने के लिए मुद्रा के किसी दूसरी मुद्रा में बदलते समय एक अल्प दर से करारोपण की सिफारिश की जिसे टोबिन टैक्स के नाम से जाना जाता है। प्रभावी रूप से यह टैक्स अन्तर्राष्ट्रीय पूँजी व्यवहारों, मुख्य रूप से पॅूजी के अन्तप्रवाह पर लगता है। इसका उद्देश्य राजस्व प्राप्ति नहीं बल्कि विदेशी विनिमय में अवैध व्यापार को तथा पूँजी के अत्यधिक अन्तप्रवाह को हतोत्साहित करना है।
C. टोबिन ने 1971 में स्थिर विनिमय दर प्रणाली के समाप्त होने के बाद विदेशी विनिमय दर में तीव्र उच्चावचनों पर अंकुश लाने के लिए मुद्रा के किसी दूसरी मुद्रा में बदलते समय एक अल्प दर से करारोपण की सिफारिश की जिसे टोबिन टैक्स के नाम से जाना जाता है। प्रभावी रूप से यह टैक्स अन्तर्राष्ट्रीय पूँजी व्यवहारों, मुख्य रूप से पॅूजी के अन्तप्रवाह पर लगता है। इसका उद्देश्य राजस्व प्राप्ति नहीं बल्कि विदेशी विनिमय में अवैध व्यापार को तथा पूँजी के अत्यधिक अन्तप्रवाह को हतोत्साहित करना है।