Correct Answer:
Option A - कंटीली झाड़ियाँ मुख्यत: शुष्क प्रदेशों जैसे शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाई जाती है। जल अभाव वाले क्षेत्रों में उगने के कारण इनमें पर्ण का अभाव होता है तथा इनकी जड़े पानी की तलाश में काफी गहराई तक जमीन में चली जाती है। विश्व की अधिकतम कटीली झाड़ियाँ वर्षा अभाव वाले क्षेत्रों में 30º- 45º अक्षांशों के मध्य पाई जाती हैं। यहाँ वनस्पत्तियों का प्राय: अभाव पाया जाता है। केवल छोटी झाड़ियाँ , नागफनी, बबूल, खजूर, खेजड़ी आदि वनस्पत्तियाँ मिलती हैं।
A. कंटीली झाड़ियाँ मुख्यत: शुष्क प्रदेशों जैसे शुष्क रेगिस्तानी क्षेत्रों में पाई जाती है। जल अभाव वाले क्षेत्रों में उगने के कारण इनमें पर्ण का अभाव होता है तथा इनकी जड़े पानी की तलाश में काफी गहराई तक जमीन में चली जाती है। विश्व की अधिकतम कटीली झाड़ियाँ वर्षा अभाव वाले क्षेत्रों में 30º- 45º अक्षांशों के मध्य पाई जाती हैं। यहाँ वनस्पत्तियों का प्राय: अभाव पाया जाता है। केवल छोटी झाड़ियाँ , नागफनी, बबूल, खजूर, खेजड़ी आदि वनस्पत्तियाँ मिलती हैं।