Correct Answer:
Option C - धीवर प्रसङ्ग `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के षष्ठ: (छठे) अङ्क में है। इस अङ्क में पुरुष कहता है, ``सुनिये, मैं शक्रावतार पर रहने वाला धीवर हूँ।'' धीवर आगे कहता है, ``सो मैं जाल, काँटा (बन्शी) आदि मछली पकड़ने के साधनों से कुटुम्ब का भरण-पोषण करता हूँ।'' धीवर का अर्थ मल्लाह होता है।
C. धीवर प्रसङ्ग `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के षष्ठ: (छठे) अङ्क में है। इस अङ्क में पुरुष कहता है, ``सुनिये, मैं शक्रावतार पर रहने वाला धीवर हूँ।'' धीवर आगे कहता है, ``सो मैं जाल, काँटा (बन्शी) आदि मछली पकड़ने के साधनों से कुटुम्ब का भरण-पोषण करता हूँ।'' धीवर का अर्थ मल्लाह होता है।