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Q: धीवर प्रसङ्ग `अभिज्ञान शाकुन्तलम्' के किस अङ्क में है?
  • A. तृतीय:
  • B. पञ्चम:
  • C. षष्ठ:
  • D. सप्तम:
Correct Answer: Option C - धीवर प्रसङ्ग `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के षष्ठ: (छठे) अङ्क में है। इस अङ्क में पुरुष कहता है, ``सुनिये, मैं शक्रावतार पर रहने वाला धीवर हूँ।'' धीवर आगे कहता है, ``सो मैं जाल, काँटा (बन्शी) आदि मछली पकड़ने के साधनों से कुटुम्ब का भरण-पोषण करता हूँ।'' धीवर का अर्थ मल्लाह होता है।
C. धीवर प्रसङ्ग `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के षष्ठ: (छठे) अङ्क में है। इस अङ्क में पुरुष कहता है, ``सुनिये, मैं शक्रावतार पर रहने वाला धीवर हूँ।'' धीवर आगे कहता है, ``सो मैं जाल, काँटा (बन्शी) आदि मछली पकड़ने के साधनों से कुटुम्ब का भरण-पोषण करता हूँ।'' धीवर का अर्थ मल्लाह होता है।

Explanations:

धीवर प्रसङ्ग `अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के षष्ठ: (छठे) अङ्क में है। इस अङ्क में पुरुष कहता है, ``सुनिये, मैं शक्रावतार पर रहने वाला धीवर हूँ।'' धीवर आगे कहता है, ``सो मैं जाल, काँटा (बन्शी) आदि मछली पकड़ने के साधनों से कुटुम्ब का भरण-पोषण करता हूँ।'' धीवर का अर्थ मल्लाह होता है।